PM Awas Yojana Gramin Survey 2026 ने ग्रामीण भारत में एक नई उम्मीद की शुरुआत कर दी है। केंद्र सरकार ने इस सर्वे के माध्यम से उन गरीब परिवारों को पक्का घर देने का रास्ता खोल दिया है, जो अब तक योजना से वंचित रह गए थे। इस बार का सर्वे ज्यादा सटीक और व्यापक है, ताकि हर जरूरतमंद तक योजना का लाभ पहुंच सके। PM Awas Yojana Gramin Survey 2026 का मकसद न केवल पक्के मकान देना है, बल्कि गांवों में जीवन स्तर को बेहतर बनाना भी है। सरकार की मंशा है कि कोई भी ग्रामीण परिवार बेघर न रहे और सभी को एक सुरक्षित छत मिल सके। यह योजना देश के उन करोड़ों लोगों के लिए उम्मीद बनकर आई है जो सालों से अच्छे घर का सपना देख रहे हैं।
ग्रामीण परिवारों के लिए क्यों जरूरी है PM Awas Yojana Gramin Survey 2026
PM Awas Yojana Gramin Survey 2026 केवल एक योजना नहीं है, बल्कि यह उन लोगों की जिंदगी में स्थायित्व और आत्मसम्मान लाने का माध्यम है जो आज भी कच्चे या टूटे-फूटे घरों में रहने को मजबूर हैं। भारत के गांवों में आज भी बड़ी संख्या में ऐसे परिवार हैं जिनके पास पक्का मकान नहीं है और वे बारिश, सर्दी और गर्मी जैसे मौसम की मार झेलते हुए गुजर-बसर करते हैं। इस सर्वे के जरिए न सिर्फ घरों की वास्तविक स्थिति की पहचान की जाएगी, बल्कि पात्र लोगों को योजना से जोड़कर उन्हें बेहतर जीवन का अवसर भी मिलेगा।
इस बार सरकार ने डिजिटल टेक्नोलॉजी का उपयोग करके इस प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाने की कोशिश की है। आवास प्लस ऐप से लेकर पंचायत स्तर पर की जा रही डोर-टू-डोर जांच तक, हर कदम पर पारदर्शिता और सटीकता पर ज़ोर दिया जा रहा है। इससे यह तय होगा कि कोई भी वंचित न रह जाए। साथ ही, जिन लोगों के नाम पहले की सूची में नहीं आए थे, उन्हें अब मौका मिल रहा है योजना में शामिल होने का।
PM Awas Yojana Gramin Survey 2026 की खास बातें
इस बार का सर्वे पहले की तुलना में अधिक संगठित, तेज़ और तकनीकी रूप से मजबूत बनाया गया है। इसमें नए डेटा के साथ-साथ SECC-2011 और Awaas Plus जैसे स्रोतों को भी जोड़ा गया है ताकि पात्रता की जांच सही तरीके से हो सके।
- सर्वे की शुरुआत जनवरी 2025 में हो चुकी है और इसे जून 2026 तक पूरा करना है।
- ‘Awaas Plus’ मोबाइल ऐप के जरिए लोग खुद भी अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकते हैं।
- सर्वे टीम हर गांव में जाकर डोर-टू-डोर जांच करेगी ताकि कोई जरूरतमंद छूट न जाए।
- पात्र परिवारों की सूची बनाकर उन्हें योजना में शामिल किया जाएगा।
कौन ले सकता है योजना का लाभ
PMAY-G के इस सर्वे में उन परिवारों को शामिल किया जा रहा है जो अब तक योजना का लाभ नहीं ले पाए। पात्रता के कुछ मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- परिवार का ग्रामीण क्षेत्र में होना जरूरी है।
- कच्चे या एक-दो कमरे वाले मकान में रहना।
- मासिक आय 15,000 रुपये से कम होनी चाहिए।
- परिवार में कोई पक्का घर न हो।
- विशेष श्रेणियों जैसे SC, ST, OBC, विधवा महिला, विकलांग सदस्य या अल्पसंख्यक समुदाय को प्राथमिकता।
हर आवेदन की जांच ग्राम सभा के स्तर पर होगी और सही पाए जाने पर ही योजना में शामिल किया जाएगा। गलत जानकारी देने पर लाभ निरस्त हो सकता है।
PM Awas Yojana Gramin Survey 2026 में आवेदन की प्रक्रिया: स्टेप-बाय-स्टेप तरीका
- ग्राम पंचायत कार्यालय जाएं
सबसे पहले अपने नजदीकी ग्राम पंचायत कार्यालय जाकर योजना से संबंधित जानकारी लें और सर्वे में शामिल होने की इच्छा जाहिर करें। - Awaas Plus ऐप डाउनलोड करें
Google Play Store पर उपलब्ध इस ऐप को मोबाइल में डाउनलोड करें और अपना मोबाइल नंबर डालकर रजिस्ट्रेशन करें। - जानकारी भरें
ऐप में मांगी गई जानकारियां जैसे परिवार के सदस्यों की संख्या, घर की स्थिति, आर्थिक स्थिति आदि को सही-सही भरें। घर की फोटो भी अपलोड करें। - जरूरी दस्तावेज तैयार रखें
आधार कार्ड, बैंक पासबुक, जॉब कार्ड (मनरेगा), SBM नंबर और एक स्वघोषणा पत्र (कि आपके पास पक्का मकान नहीं है) तैयार रखें। - ग्राम सभा सत्यापन
पंचायत द्वारा आयोजित ग्राम सभा में आपका नाम प्रस्तावित होगा और फिर सर्वे अधिकारी द्वारा मौके पर जाकर जांच की जाएगी। - स्वीकृति और सूची में नाम
जांच पूरी होने के बाद यदि आप पात्र पाए गए तो योजना में आपका नाम शामिल किया जाएगा और एक रजिस्ट्रेशन नंबर जारी होगा। - लाभ प्राप्त करना
नाम आने के बाद योजना की तीन किस्तों में सहायता राशि आपके बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी।
मिलेगा कितना लाभ और कौन-कौन सी सुविधाएं मिलेंगी
इस योजना में ग्रामीण परिवारों को आर्थिक सहायता सीधे बैंक खाते में तीन किस्तों में दी जाती है। मैदानी क्षेत्रों में 1.20 लाख रुपये और पहाड़ी या कठिन क्षेत्रों में 1.30 लाख रुपये की मदद मिलती है। कुछ राज्यों में यह राशि राज्य सरकार की मदद से बढ़कर 2.20 लाख रुपये तक भी पहुंच जाती है।
इसके साथ ही निम्न सुविधाएं भी मिलती हैं:
- मनरेगा से मजदूरी: घर के निर्माण के दौरान 90-95 दिन की मजदूरी भी दी जाती है।
- शौचालय निर्माण: स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय की सुविधा।
- बिजली कनेक्शन: सौभाग्य योजना के तहत मुफ्त बिजली कनेक्शन।
- पानी की सुविधा: जल जीवन मिशन के तहत नल से जल की व्यवस्था।
PMAY-G लाभार्थी सूची कैसे देखें
- सरकारी वेबसाइट पर जाएं
pmayg.nic.in वेबसाइट खोलें। - Awaasoft सेक्शन चुनें
यहां “Reports” के ऑप्शन पर क्लिक करें। - राज्य, जिला, ब्लॉक और गांव चुनें
अपनी जानकारी भरें और कैप्चा दर्ज करें। - नाम या रजिस्ट्रेशन नंबर से सर्च करें
अपनी पात्रता की पुष्टि करने के लिए नाम या रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज कर सर्च करें। - UMANG ऐप से भी देखें
UMANG ऐप के माध्यम से भी सूची देखी जा सकती है।
अगर नाम सूची में नहीं आता है, तो स्थानीय पंचायत से संपर्क करें और दोबारा सत्यापन करवाएं।